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Tuesday, November 11, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा
कुछ लोग राम नाम का अभ्यास करते हुए उनके रूप का ध्यान करते हैं जबकि जो लोग भगवान का निर्गुण रूप का ध्यान करते हैं वह सदा प्रकाश तथा आंतरिक चेतना पर ध्यान जमाते हैं।

Thursday, November 6, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा

शास्त्रों में दस नाम अपराध बताए हैं। राम नाम का अभ्यास करते हुए हर किसी को इन अपराधों से बचना चाहिए। 
१.राम नाम की शक्ति का दुरुपयोग करना।
२.अपने गुरु के बारे में मजाक में बात करना।
३.भक्तों तथा संतों की निंदा करना।
४.यह सोचना कि राम नाम की महिमा बढ़ा चढ़ा कर बताई गई है।
५.वेद , रामायण, श्रीमदभागवत तथा भागवत गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों को साधारण पुस्तकों को जान कर व्यवहार में लाना।
६.राम नाम को दूसरी साधनाओं के बराबर जानना।
७. नास्तिक जीवों के साथ राम नाम की महिमा के बारे में विवाद करना।
८.भगवान के भिन्न भिन्न नामों की शक्ति को अधिक या कम समझना।
९.भगवान के रूप और भगवान के नाम में भेद करना ।
१०.इन्द्रियों के मौजमजे के लिए अधिक धन खर्च करना।


इन दस अपराधों में से १. और २. मुख्य अपराध है इसलिए किसी भी हालत में यह अपराध नहीं होने चाहिए।

Monday, November 3, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा
राम नाम जहाँ तक हो सके निष्काम भाव से लेना चाहिए। मन में किसी प्रकार के संसारी लाभ या प्राप्ति का विचार नहीं आना चाहिए तब राम नाम पूर्ण फल देता है,पूर्व जन्मों के पाप तथा उल्टे संस्कार धुल जाते हैं, साधक की चित शुद्धि हो जाती है। ऐसे पवित्र हृदय में भगवान के लिए अच्छी भक्ति उत्पन्न हो जाती है,जहाँ शुद्ध प्रेम तथा भक्ति है वहाँ राम है ही।

Saturday, November 1, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा
पूर्ण भाव और श्रद्धा से निरंतर मानसिक जप करने से अंतःकरण में अजपा जप शुरू हो जाता है । सब सांसारिक कार्य करते हुए भी मन अंतरंग में राम नाम लीन रहता है स्वास स्वास से घट में अमृत पीता है।

Friday, October 31, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा
अब साधक अपने हृदय में ऐसी अटूट ध्वनि सुनता है जिसे प्रनव धुनी कहते हैं जो ब्रह्मांड में निरंतर हो रही है। अब वह भगवान की सबसे ऊँची कृपा का आनंद लेता है और निरअहम स्थिति से घट में रहना आरंभ कर देता है।

Thursday, October 30, 2014

राम नाम की महिमा


राम नाम की महिमा

राम नाम जहाँ तक हो सके निष्काम भाव से लेना चाहिए। मन में किसी प्रकार के संसारी लाभ या प्राप्ति का विचार नहीं आना चाहिए तब राम नाम पूर्ण फल देता है,पूर्व जन्मों के पाप तथा उल्टे संस्कार धुल जाते हैं, साधक की चित शुद्धि हो जाती है। ऐसे पवित्र हृदय में भगवान के लिए अच्छी भक्ति उत्पन्न हो जाती है,जहाँ शुद्ध प्रेम तथा भक्ति है वहाँ राम है ही।

Monday, October 27, 2014

राम नाम की महिमा



राम नाम की महिमा
कुछ लोग संसारी इच्छाओं की पूर्ति के लिए राम नाम लेते हैं। उनकी वासनाओं की तो पूर्ति अवश्य हो जाती है परंतु पूर्व के संचित कर्मों की मैल मन पर से साफ नहीं होती । जब किसी साधक के मन मे कोई सांसारिक वासना उठ जाती है तो जितना राम नाम उसने लिया होता है वह उस वासना की पूर्ति में चला जाता है और वह अध्यात्म में आगे नहीं बढ़ पाता।

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