ॐ साईं श्री साईं जय जय साईं
"सटका मार ज़मीन पर
पानी रहे बहाए,
चिमटा गाढ़ ज़मीन पर,
अग्नि भी ले आये,
बाबा यह मानव नहीं,
लगता कोई पीर,
अवतारी मुझको लगे,
चाहे वेश फकीर"
ॐ साईं श्री साईं जय जय साईं
श्री साईं सच्चचरित्र सन्देश
"जिसकी बुद्धि निश्चय- शुन्य हो गई हो (यानि बुद्धि ने कोई भी निश्चय करना बन्द कर दिया हो) और जिसने चेतन्य को प्राप्त कर लिया हो, केवल वह ही आत्मज्ञान प्राप्त करता है और वास्तव में वह ही धन्य होता है" I
When the intellect will not need the help of the sense of discretion, the mind will come alive. That is Pure Consciousness and nothing else. Blessed is the man who can gain.
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http://shirdi-sai-rasoi.blogspot.com/
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